Chaityavandan In Hindi Full [extra Quality] - Palitana 5

मैं १६वें तीर्थंकर माता अचिरा के पुत्र भगवान शांतिनाथ की वंदना करता हूँ जो भव्य जीवों को सुख देने वाले हैं। आपका लांछन (चिन्ह) हिरण (मृग) है और आपकी आयु एक लाख वर्ष की थी। हस्तिनापुर नगरी के स्वामी प्रभु शांतिनाथ गुणों की खान हैं। आपकी ४० धनुष ऊँची सुवर्ण जैसी देह और चंद्रमा के समान मुखमंडल का दर्शन करने से परम कल्याण होता है।

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मैं सब सिद्धों, महाबलवान्, लोक के प्रकाशक, दिव्य चक्र और उत्तम आसन वाले जिनेंद्र भगवान का वंदन करना चाहता हूँ। palitana 5 chaityavandan in hindi full

यात्रा की शुरुआत पर्वत की तलहटी से होती है, जिसे 'जय तलेटी' कहा जाता है। यहाँ पहला चैत्यवंदन किया जाता है।

4. चतुर्थ चैत्यवंदन: रायण पेड़ (रायण पगला) लोक के प्रकाशक

मुख्य टुंक के भीतर मुख्य गर्भगृह में विराजमान पालिताना के मूलनायक भगवान ऋषभदेव (आदीश्वर प्रभु) के सम्मुख यह अंतिम और पाँचवाँ चैत्यवंदन किया जाता है।

पूर्ण 5 चैत्यवंदन पाठ (हिंदी अर्थ और भावार्थ सहित) palitana 5 chaityavandan in hindi full

नीचे पालीताना के इन 5 चैत्यवंदनों का विवरण हिंदी अर्थ और विधि के साथ दिया गया है: