अगाथा क्रिस्टी (Agatha Christie) को दुनिया की सबसे महान रहस्यमयी लेखिका माना जाता है। उनकी रचनाओं में 'मर्डर ऑन द ओरिएंट एक्सप्रेस' (Murder on the Orient Express) एक ऐसा मील का पत्थर है, जिसने जासूसी उपन्यासों की दुनिया को हमेशा के लिए बदल दिया। 1934 में प्रकाशित यह उपन्यास आज भी उतना ही लोकप्रिय है जितना अपने प्रकाशन के समय था। इस लेख में हम इस प्रसिद्ध कहानी के कथानक, किरदारों और इसके हिंदी अनुवाद व रूपांतरणों के बारे में विस्तार से जानेंगे। मुख्य कथानक (The Plot)
पॉयरो के सामने सच्चाई चौंकाने वाली थी: ट्रेन में सवार लगभग हर यात्री, किसी न किसी तरह उस आर्मस्ट्रांग परिवार से जुड़ा हुआ था। वे एक साजिश के तहत कैसेटी (रैचेट) से बदला लेने के लिए एक साथ आए थे। उपन्यास के चौंकाने वाले अंत में, पॉयरो दो संभावित समाधान प्रस्तुत करते हैं और एक ऐसा रास्ता चुनते हैं जो उनके दर्शन और नैतिकता की सीमाओं को परखता है।
पोयरो खुलासा करते हैं कि ट्रेन के सभी 12 सह-यात्री किसी न किसी तरह से मृत बच्ची डेज़ी आर्मस्ट्रांग के परिवार या उसके घर से जुड़े हुए थे। कैरोलीन हबर्ड असल में डेज़ी की नानी (मशहूर एक्ट्रेस लिंडा आर्डेन) थीं। बाकी यात्री डेज़ी के रिश्तेदार, वफादार नौकर या पारिवारिक मित्र थे।
इस उपन्यास पर अब तक कई फिल्में और टीवी सीरीज बन चुकी हैं: murder on the orient express in hindi
यह कहानी पाठकों को यह सोचने पर मजबूर करती है:
एक बातूनी और तेज-तर्रार अमेरिकी महिला, जो हमेशा अपनी बेटी के बारे में बात करती है।
1934 में प्रकाशित यह उपन्यास जासूस हर्क्यूल पोइरोट (Hercule Poirot) की सबसे यादगार कहानियों में से एक है। एक अंग्रेज कर्नल
हालांकि पॉयरो इस मामले को देखना नहीं चाहते थे, लेकिन अपने मित्र मिस्टर बौक के आग्रह पर और जिज्ञासावश वे जांच में कूद पड़ते हैं। वे ट्रेन के सभी यात्रियों से पूछताछ करते हैं - एक बुजुर्ग रूसी राजकुमारी से लेकर, एक अंग्रेज कर्नल, एक स्वीडिश नर्स, और रैचेट के निजी सेवक तक।
अगर आप एक रहस्यमयी, सस्पेंसफुल और दार्शनिक तल वाली कहानी की तलाश कर रहे हैं, तो यह किताब आपके लिए सही है। तो देर किस बात की? इस शानदार हत्याकांड का हिस्सा बनें और जानें कि आखिर कौन है हत्यारा?
पोयरो अपनी जांच शुरू करते हैं और उन्हें रैटचेट के केबिन से कुछ अजीब सुराग मिलते हैं: एक स्वीडिश नर्स
दरअसल, ये सभी 12 लोग किसी न किसी रूप में आर्मस्ट्रांग परिवार से जुड़े हुए थे (कोई रिश्तेदार था, कोई वफादार नौकर, तो कोई पारिवारिक मित्र)। कानून से बच निकले कैसेटी को सजा देने के लिए इन सबने मिलकर एक सोची-समझी साजिश रची थी। हर एक व्यक्ति ने कैसेटी को एक-एक बार चाकू मारा था, ताकि यह पता न चल सके कि असली कातिल कौन है।
इस उपन्यास की लोकप्रियता के कारण इस पर कई फिल्में और टीवी शोज बन चुके हैं:
इस कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि न्याय कभी-कभी कठोर हो सकता है, लेकिन यह आवश्यक है कि अपराधियों को उनके अपराधों के लिए दंडित किया जाए।
इस कहानी पर कई फिल्में और टीवी शोज़ बन चुके हैं:
कहानी का अंत दिल को छू लेने वाला है। सच जानने के बाद भी, जासूस हरक्यूल पोयरो आर्मस्ट्रांग परिवार के दुख और रैटचेट के क्रूर अपराध को समझते हैं। वे महसूस करते हैं कि इस मामले में कानूनी न्याय से बड़ा 'मानवीय न्याय' था।